सर्रोई में बीडा के तीन अवैध प्लाटिंग ले-आउट पर गरजा बुलडोजर
सर्रोई/भदोही। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सर्रोई क्षेत्र में विकसित किए गए तीन अवैध प्लाटिंग ले-आउट को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई।
बीडा अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों अवैध ले-आउट कुल लगभग 9200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित किए गए थे, जिनमें से कई प्लाट पहले ही बेचे जा चुके थे। डेवलपर्स को अगस्त माह से लगातार नोटिस जारी किए जा रहे थे, साथ ही कारण बताओ नोटिस और विकास कार्य रोकने के आदेश भी दिए गए थे, लेकिन संबंधित लोग न तो कार्यालय में उपस्थित हुए और न ही अपना पक्ष रख सके।
बीडा के अधिसूचित क्षेत्र सर्रोई में जिन तीन स्थानों पर अवैध ले-आउट विकसित किए गए थे, उनमें काजीपुर निवासी मोहम्मद सादाब, अबु कैफ व जैशुम इस्लाम (निवासी निजामपुर) द्वारा लगभग 3600 वर्ग मीटर, सर्रोई निवासी शमशेर अली, नसीम अहमद, मुबारक अली व मासूम अली द्वारा करीब 2100 वर्ग मीटर, तथा सर्रोई के ही पूर्व प्रधान कमलधर व सुंदरलाल द्वारा लगभग 3500 वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध रूप से भू-विन्यास किया गया था।
बीडा की उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित लोगों को नियमानुसार अवसर दिया गया था, लेकिन अनुपस्थित रहने के कारण प्राधिकरण को सख्त कदम उठाना पड़ा। इसके बाद सोमवार को मुख्य कार्यपालक अधिकारी और जिलाधिकारी शैलेष कुमार के नामित मजिस्ट्रेट एसडीएम (न्यायिक) की मौजूदगी में तीनों अवैध ले-आउट को ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान बीडा के विक्रय प्रबंधक अमिताभ रंजन दास, अधिशासी अभियंता आर.डी. भारती, तथा जेई प्रदुम्न सिन्हा, आदित्य यादव, द्विवेश मिश्रा और आशीष कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बीडा ने स्पष्ट किया है कि आगे भी अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्लाट खरीदारों के लिए चेतावनी
बीडा अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्लाट या भूखंड की खरीद से पहले संबंधित प्राधिकरण से ले-आउट की स्वीकृति और वैधानिक अनुमति अवश्य जांच लें। बिना स्वीकृति के विकसित कॉलोनियों में निवेश करने पर भविष्य में आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी परेशानियां भी उठानी पड़ सकती हैं।
नियमों के तहत हुई कार्रवाई
प्राधिकरण के अनुसार यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत की गई है। अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का भू-विन्यास, प्लाटिंग या निर्माण अवैध माना जाता है। नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए जाने के बावजूद नियमों की अनदेखी करने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अनिवार्य हो जाती है।
आगे भी चलेगा अभियान
बीडा ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी अधिसूचित क्षेत्र के अन्य हिस्सों में अवैध कॉलोनियों और निर्माण कार्यों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



