सर्दी में बढ़ा जोड़ों और पुराने चोटों का दर्द, जिला अस्पताल की ओपीडी में दोगुने मरीज
ज्ञानपुर।
ठंड का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। सर्दी बढ़ते ही पुराने चोट और जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों रोजाना 45 से 50 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जो पहले की तुलना में लगभग दोगुनी संख्या है।
60 वर्ष से ऊपर के मरीज ज्यादा
हड्डी रोग विभाग के आंकड़ों के अनुसार, आने वाले मरीजों में करीब 70 प्रतिशत बुजुर्ग हैं, जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है। अधिकतर मरीज घुटनों, कमर, कंधों और पुराने फ्रैक्चर वाले हिस्सों में तेज दर्द और अकड़न की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
ठंड में क्यों बढ़ जाता है दर्द?
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिओम ने बताया कि सर्द मौसम में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे शरीर में रक्त संचार धीमा हो जाता है। इसके कारण चोट या जोड़ों वाले हिस्सों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति कम हो जाती है। यही वजह है कि पुराने घाव और गठिया जैसी समस्याएं इस मौसम में ज्यादा परेशान करती हैं।
शारीरिक गतिविधि कम होने से बढ़ती है समस्या
डॉ. हरिओम के अनुसार, ठंड के कारण लोग शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं, जिससे मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और उनका लचीलापन घट जाता है। इससे जोड़ों में अकड़न, सूजन और दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
बिना डॉक्टर की सलाह पेनकिलर लेना नुकसानदायक
जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए कई लोग खुद से पेनकिलर का सेवन शुरू कर देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अधिक पेनकिलर लेने से पेट दर्द, गैस, अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही लंबे समय तक इसका सेवन लिवर और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
जोड़ों के दर्द से बचाव के आसान उपाय
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सुबह उठकर गुनगुना पानी पिएं
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हल्का व्यायाम और नियमित स्ट्रेचिंग करें
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दर्द वाले हिस्से पर गर्म तेल से मालिश करें
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ठंड से बचाव के लिए शरीर को ढककर रखें
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रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं
कब जाएं डॉक्टर के पास?
अगर जोड़ों का दर्द लगातार बढ़ रहा हो, सूजन या चलने में परेशानी हो रही हो, या दर्द लंबे समय तक बना रहे, तो तुरंत हड्डी रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

