5 साल में दोगुने हुए ई-रिक्शा और ऑटो, जिले में नहीं बना एक भी स्टैंड

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

5 साल में दोगुने हुए ई-रिक्शा और ऑटो, जिले में अब तक नहीं बना एक भी स्टैंड

ज्ञानपुर।
जिले में पिछले पांच वर्षों के दौरान वाहनों की संख्या में तेज़ी से इजाफा हुआ है। इस अवधि में करीब एक लाख नए वाहन सड़कों पर उतरे हैं, जिनमें लगभग 15 हजार ई-रिक्शा और ऑटो शामिल हैं। शहर की तंग गलियों से लेकर ग्रामीण इलाकों की चौमुहानी तक इनका कब्जा नजर आने लगा है।

आंकड़ों के अनुसार औसतन हर साल जिले में करीब पांच हजार नए ऑटो और ई-रिक्शा एजेंसियों से निकलकर सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। खासकर ई-रिक्शा की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई है कि पटरियों और संकरी गलियों तक में इनका जमावड़ा दिखाई देता है। इसके बावजूद जिले में अब तक एक भी ऑटो स्टैंड या निर्धारित पार्किंग स्थल की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।

समय-समय पर यातायात विभाग नियमों के उल्लंघन पर चालान काटकर कार्रवाई जरूर करता है। बीते नवंबर महीने में यातायात माह के दौरान 15 हजार से अधिक वाहनों का चालान किया गया था। हालांकि नियमों पर सख्ती तो होती है, लेकिन लगातार बढ़ते वाहनों के मुकाबले बुनियादी सुविधाएं बेहद सीमित बनी हुई हैं।

एआरटीओ कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2021 से 30 नवंबर 2025 तक जिले में बाइक, ई-रिक्शा, ऑटो और कार समेत कुल 91,700 वाहनों का पंजीकरण हुआ है। इनमें सबसे अधिक करीब 70 हजार बाइक शामिल हैं, जबकि ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या लगभग 15 हजार है।

शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक ई-रिक्शा और ऑटो की भरमार हो चुकी है। शाम के समय ज्ञानपुर, भदोही, चौरी, गोपीगंज, जंगीगंज और महराजगंज बाजार में आवागमन करना बेहद मुश्किल हो जाता है। सड़कों पर ऑटो चालकों का कब्जा रहने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या भले ही दोगुनी हो गई हो, लेकिन इनके लिए स्टैंड और पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं होने से चालक भीड़भाड़ वाले चौराहों, तिराहों और सड़कों पर ही वाहन खड़ा कर सवारी बैठाते और उतारते हैं। यही अव्यवस्था जाम और हादसों की बड़ी वजह बनती जा रही है।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

Leave a Comment

और पढ़ें

Read More Articles