भदोही में डॉक्टरों की कमी, मरीजों की ओपीडी में बढ़ा दबाव

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जिले में डॉक्टरों की कमी से लड़खड़ाई स्वास्थ्य व्यवस्था, ओपीडी में बढ़ रही भीड़

ज्ञानपुर। भदोही जिले में स्वास्थ्य सेवाएं इन दिनों बुरी तरह प्रभावित हैं। डॉक्टरों के लगातार अवकाश पर रहने से जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीज इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं। मौसमी बीमारियों और बढ़ती ठंड के बीच डॉक्टरों की अनुपस्थिति ओपीडी पर भारी दबाव बना रही है।

दो महीने से महिला रोग विशेषज्ञ अनुपस्थित, सीएचसी पर बढ़ा बोझ

गोपीगंज सीएचसी की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. राजबीर कौर दो महीने से निजी कारणों से अवकाश पर हैं। उनकी गैरमौजूदगी में सीएचसी पर आने वाली महिला मरीजों का उपचार अन्य डॉक्टर कर रहे हैं, जिससे काम का दबाव बढ़ गया है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, डॉ. कौर का रिश्तेदारी संबंध एक बड़े भाजपा नेता से बताया जा रहा है, जिसकी वजह से उनकी छुट्टी को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

जिलेभर में कुल 11 डॉक्टर अवकाश पर

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में तैनात 148 डॉक्टरों में से 11 वर्तमान में अवकाश पर हैं। इनमें शामिल हैं—

  • 2 आर्थोपेडिक विशेषज्ञ

  • 1 नेत्र रोग विशेषज्ञ

  • 1 बाल रोग विशेषज्ञ

  • 1 महिला रोग विशेषज्ञ

इसके अलावा विभिन्न सीएचसी-पीएचसी के पांच चिकित्सक पीजी कोर्स करने गए हैं, जिससे विशेषज्ञ सेवाएं और प्रभावित हो रही हैं।

ओपीडी का हाल: रोज 1000 मरीज, विशेषज्ञों पर दबाव

जिला अस्पताल में रोजाना लगभग 1000 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
इनमें—

  • 100 हड्डी रोग के मरीज

  • 60–65 नेत्र रोग के मरीज

  • 60–70 बच्चे (पीडियाट्रिक केस) शामिल हैं।

आर्थोपेडिक, नेत्र रोग और बाल रोग विशेषज्ञ में से एक-एक डॉक्टर के छुट्टी पर होने से इन विभागों में भीड़ और बढ़ गई है।
भदोही एमबीएस अस्पताल में आर्थोपेडिक सर्जन के अवकाश पर रहने से सर्जरी संबंधी मामलों में भी दिक्कत आ रही है।

सीएचसी–पीएचसी की स्थिति

भानीपुर सीएचसी के एक डॉक्टर चार दिन के अवकाश पर हैं।
सौ शय्या अस्पताल में रोस्टर के अनुसार डॉक्टर तैनात हैं, लेकिन विशेषज्ञों की संख्या कम पड़ रही है।
जिले में कुल—

  • 3 बड़े अस्पताल

  • 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

  • 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

  • कुल 29 स्वास्थ्य इकाइयाँ संचालित हैं।

डॉक्टरों की मौजूदा तैनाती (जिला–वार)

  • जिला अस्पताल: 12 डॉक्टर + 5 ईएमओ

  • भदोही एमबीएस: 17 डॉक्टर + 8 ईएमओ

  • भदोही सीएचसी: 13 डॉक्टर

  • गोपीगंज सीएचसी: 12 डॉक्टर

  • सुरियावां: 10 डॉक्टर

  • औराई: 13 डॉक्टर

  • ट्रॉमा सेंटर: 7 डॉक्टर

  • डीघ: 14 डॉक्टर

  • भानीपुर: 7 डॉक्टर

  • 100 शय्या अस्पताल: 6 डॉक्टर + 4 ईएमओ

  • पीएचसी (20 केंद्र): प्रत्येक पर 1–1 डॉक्टर
    जिले में कुल 45 डॉक्टर संविदा पर नियुक्त हैं।

मरीजों की बढ़ती परेशानी

विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को जांच, इलाज और परामर्श के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
गंभीर मामलों में मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग पर सवाल

डॉक्टरों के लगातार अवकाश पर रहने को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि—

“अगर डॉक्टर ही छुट्टी पर रहेंगे तो मरीज जाएँ कहाँ? विभाग को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।”

स्वास्थ्य विभाग जल्द ही अस्थायी तैनाती और रोटेशनल ड्यूटी के माध्यम से स्थिति को सामान्य करने का दावा कर रहा है।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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