भदोही वन्यजीव तस्करी मामला: नेपाल भेजने से पहले पकड़े गए तस्कर
सियार और बिल्ली के अवैध शिकार का बड़ा खुलासा
उप्र के भदोही जिले में वन्य जीव तस्करी का बड़ा रैकेट बेनकाब हुआ है। ज्ञानपुर रेंज के खरगपुर गांव में तीन सियार और एक बिल्ली को मारकर उनका मांस व चमड़ा नेपाल ले जाने की कोशिश कर रहे दो तस्करों को गुरुवार को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
कैसे बेनकाब हुआ मामला?
खरगपुर गांव में कुछ लोगों ने ग्रामीण वन कर्मियों को सूचना दी कि कुछ संदिग्ध बोरे लेकर जानवरों का शिकार कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और सुरियावां पुलिस मौके पर पहुंची।
तभी तस्कर जानवरों के शवों को बोरे में भर रहे थे। मौके पर ही दोनों को दबोच लिया गया।
पकड़े गए आरोपी
दोनों आरोपी सुल्तानपुर जिले के रहने वाले हैं:
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रवि
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बुधुआ
(निवासी – तोड़ी गांव, पकड़ी, सुल्तानपुर)
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
तस्करी का बड़ा मकसद
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि
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सियार और बिल्ली के चमड़े से महंगे ब्रश व जैकेट तैयार कर नेपाल भेजे जाते हैं
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इसके लिए वे लंबे समय से टीम के साथ संपर्क में थे
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पहले भी इस तरह के अवैध शिकार की आशंका है
वन विभाग भी इस पहलू की जांच में जुटा है कि इनके पीछे organized network काम कर रहा है या नहीं।
बरामदगी
मौके से टीम ने पाया—
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3 सियार (मृत)
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1 बिल्ली (मृत)
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मांस व चमड़ा निकालने के औजार
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बोरे और तस्करी में प्रयोग होने वाली सामग्री
सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुरियावां पशु अस्पताल भेजा गया है।
अधिकारियों ने क्या कहा?
भदोही के डीएफओ विवेक कुमार यादव ने बताया:
“यह मामला वन्य जीवों के अवैध शिकार और तस्करी से जुड़ा है। दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।”
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई
वन विभाग ने दोनों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत केस दर्ज करने की तहरीर थाने में दी है। इस कानून के तहत—
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अवैध शिकार पर 3 साल से 7 साल तक की सजा हो सकती है
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भारी जुर्माना भी लगाया जाता है
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों के अन्य राज्यों या नेपाल के तस्करी गिरोह से संबंध हैं।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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