ज्ञानपुर: लापरवाही में लटका 1 करोड़ का प्रोजेक्ट, ठेकेदार हटाया गया

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लापरवाही में लटका 1 करोड़ का प्रोजेक्ट: ठेकेदार हटाया, कार्यदायी संस्था को 15 दिन की मोहलत

ज्ञानपुर। पीएमश्री विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए शुरू किया गया एक करोड़ रुपये का निर्माण कार्य लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ और ठेकेदार की उदासीनता के कारण परियोजना समयसीमा से एक वर्ष पीछे चल रही है। विभागीय सख्ती के बाद ठेकेदार को हटाकर संस्था को 15 दिन में निर्माण पूरा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है।


परियोजना का उद्देश्य: बेहतर सुविधाओं का विकास

150 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक इंटर कॉलेज को दो साल पूर्व पीएमश्री योजना के लिए चयनित किया गया था। इसके बाद कॉलेज में विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई निर्माण कार्य शुरू किए गए।

साल 2023 में एक करोड़ की लागत से

  • मल्टी-परपज हॉल,

  • विज्ञान प्रयोगशाला कक्ष (Science Lab)

के निर्माण की शुरुआत हुई थी। योजना के अनुसार यह निर्माण दिसंबर 2024 तक पूरा होना था।


एक साल की देरी ने बढ़ाई चिंता

निर्धारित समयसीमा पार हुए अब एक वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार कार्यदायी संस्था और ठेकेदार की धीमी गति और लापरवाही इस देरी की मुख्य वजह है।


डीएम ने निरीक्षण में जताई नाराजगी

करीब तीन महीने पहले डीएम शैलेष कुमार द्वारा स्कूल का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की खराब प्रगति देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और कार्यदायी संस्था व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद शिक्षा विभाग ने ठेकेदार को तुरंत परियोजना से हटा दिया।


संस्था को 15 दिन की मोहलत

जीआईसी के प्रधानाचार्य आलोक तिवारी ने बताया कि ठेकेदार हटाए जाने के बाद कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ ने 15 दिन की मोहलत मांगी है। विभाग ने दिसंबर से पहले कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है।

“निर्धारित समय में कार्य पूरा न होने पर हम उच्चाधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट भेजेंगे,”
आलोक तिवारी, प्रधानाचार्य, जीआईसी


स्थानीय विद्यार्थियों और अभिभावकों में रोष

लगातार देरी होने से विद्यालय के विद्यार्थियों और अभिभावकों में भी नाराजगी है। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रयोगशाला और हॉल बनने से उनकी पढ़ाई का स्तर बेहतर होगा, लेकिन निर्माण के लंबित रहने से वे लाभ से वंचित हैं।


अब निगाहें नए अल्टीमेटम पर

विभाग द्वारा दिए गए अंतिम अल्टीमेटम के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि यूपीसीएलडीएफ तय समय सीमा में काम पूरा कर पाती है या नहीं।
यदि इस बार भी देरी हुई, तो मामला उच्च स्तर पर जाएगा और कठोर कार्रवाई की संभावना है।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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