काशी में ‘दर्शन दलाल’ गिरोह पर बड़ी कार्रवाई: 7 दलाल अरेस्ट, एक मुस्लिम भी शामिल; भक्तों से ऐंठते थे रुपये, CCTV में कैद हुई करतूत
वाराणसी।
काशी विश्वनाथ मंदिर और आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों में ‘दर्शन दलालों’ की गतिविधियों पर नकेल कसते हुए वाराणसी कमिश्नरेट की दशाश्वमेध पुलिस ने दूसरे दिन भी सख्त अभियान चलाकर सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी कथित रूप से श्रद्धालुओं से मनमाना पैसा वसूलकर विशेष प्रवेश कराने का दावा करते थे। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि दलाल भक्तों को डराने-धमकाने से भी नहीं चूकते थे।
इस कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों में एक मुस्लिम शख्स वहीद अहमद भी शामिल है, जो काशी के मंदिर परिसर में सक्रिय था और दर्शन की ‘व्यवस्था कराने’ के नाम पर वसूली करता था।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली दलालों की पोल
पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में मंदिर में भीड़ बढ़ने के साथ ही कई शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग श्रद्धालुओं को रोककर उनसे “तेज दर्शन कराने” का लालच देकर पैसे ऐंठ रहे हैं।
इसके बाद पुलिस ने मंदिर परिसर व आसपास लगाई गई सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें कई लोग भक्तों को घेरते, रोकते और पैसे मांगते दिखे।
मामला गंभीर देखकर एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के निर्देशन में नौ सदस्यीय टीम बनाई गई। टीम ने 24 घंटे के भीतर ही सात दलालों को धर-दबोचा।
गिरफ्तार हुए आरोपियों के नाम और पूरा ब्योरा
थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—
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गणेश जायसवाल, पुत्र कन्हैया (22), निवासी टेढ़ीनीम
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अमन कुमार, पुत्र अशोक (22), हीरावनपुर सिंधौरा
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कैलाशनाथ पांडेय, पुत्र स्व. पन्नालाल (40), नई बस्ती, मंडुवाडीह
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रितेश पांडेय, पुत्र विनोद (20), बड़ी पियरी
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वहीद अहमद, पुत्र वकील (42), बड़ादेव, गोदौलिया
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रामबली बिंद, पुत्र बोदेलाल (25), संकुलधारा पोखरा
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रवि पांडेय, पुत्र केचुलाल (21), ढेलवरिया पानी टंकी के पास
इन सभी पर आरोप है कि ये मंदिर आने वाले भक्तों को पहले रास्ता दिखाने के बहाने रोकते और फिर ‘शॉर्टकट दर्शन’ के नाम पर धन उगाही करते थे। विरोध करने पर मारपीट और बदसलूकी तक करते थे।
काल भैरव मंदिर में भी पहली बार बड़ी कार्रवाई, 10 दलाल रंगे हाथ पकड़े गए
इस अभियान का दायरा सिर्फ काशी विश्वनाथ मंदिर तक सीमित नहीं रहा। रविवार को कोतवाली पुलिस ने काल भैरव मंदिर में पहली बार 10 दर्शन दलालों को मौके पर पकड़ा।
यह कार्रवाई विशेष उल्लेखनीय है क्योंकि इससे पहले काल भैरव मंदिर परिसर में कोई ऐसी कार्रवाई कभी नहीं हुई थी।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
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सोनू कन्नौजिया (राजमंदिर)
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रुद्र उर्फ विवेक (सिगरा)
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संतोष कुमार (समस्तीपुर, बिहार)
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साहिल मिश्रा (रामघाट)
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रंजीत (दशाश्वमेध)
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अभिषेक यादव (बुलानाला)
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विपिन शर्मा (तेलियाना फाटक)
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रोशन ठाकुर (त्रिपुरा भैरवी घाट)
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हर्ष सिंह (भड़वरा पाल बस्ती, लोहता)
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चंद्रलोकीनाथ (चंदासी, चंदौली)
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मंदिर परिसर में पूजन सामग्री का काम करते हैं और मिलने वाले श्रद्धालुओं को “जल्दी दर्शन” के नाम पर अंदर तक पहुंचाने की व्यवस्था कर ‘कमाई’ करते थे।
सेवादारों और प्रबंधन की भूमिका पर भी पुलिस की नजर
पुलिस ने बताया कि कुछ सेवादारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
मंदिर महंत परिवार के कुछ सदस्यों और सेवादारों को भी थाने बुलाकर पूछताछ की गई है।
जांच की आंच अब उन लोगों तक भी पहुंच रही है जो संभवतः दलालों को संरक्षण देते थे।
क्यों बनी यह बड़ी खबर? — बैकग्राउंड और महत्व
काशी विश्वनाथ मंदिर देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ रोज़ लाखों भक्त दर्शन करने आते हैं।
भीड़ का फायदा उठाकर वर्षों से दलाल सक्रिय रहे हैं, जो—
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श्रद्धालुओं को रोकते
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VIP दर्शन का झांसा देते
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मोबाइल छीनकर ले जाते
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मनमानी वसूली करते
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विरोध करने पर धमकाते
शिकायतें बढ़ने के बाद यह पहली बार है जब पुलिस लगातार दो दिन तक बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चला रही है।
पुलिस की चेतावनी
कमिश्नरेट ने साफ कहा है—
“मंदिर परिसर में दर्शन कराने के नाम पर किसी से पैसे मांगना अपराध है। कोई भी भक्त ऐसा प्रयास देखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दे।”
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।
