सर्दी, बुखार या पेट दर्द… जिले में हर मर्ज की दवा सिर्फ पैरासिटामॉल

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सर्दी, खांसी या पेट दर्द… जिले में हर मर्ज का इलाज सिर्फ पैरासिटामॉल! 

ज्ञानपुर: जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज का तरीका अब काफी हद तक समान हो गया है। बालीपुर निवासी लालचंद को दो दिन से पेट में दर्द और हरारत महसूस हो रही थी। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने उन्हें गैस की गोली के साथ पैरासिटामॉल और दो अन्य दवाएं दी।

इसी तरह, कसिदहां गांव निवासी भोलानाथ तिवारी को बुखार और पेट दर्द था। सौ शय्या अस्पताल पहुंचने पर उन्हें भी पैरासिटामॉल के साथ विटामिन की गोलियां दी गईं।

पैटर्न और दवाओं की खपत

जिले के 235 अस्पतालों में मरीजों को सर्दी, खांसी, बुखार या पेट दर्द जैसे मामलों में हर महीने लगभग 3.5 लाख पैरासिटामॉल की खपत होती है। इस साल अब तक मरीजों को कुल 42 लाख पैरासिटामॉल टैबलेट दिए जा चुके हैं।

गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को कैल्शियम की गोलियां हर महीने लगभग पौने दो लाख और विटामिन डी की गोलियां दो लाख दी जाती हैं। जिले में कुल 293 प्रकार की दवाओं का स्टॉक है, लेकिन सबसे ज्यादा मांग पैरासिटामॉल, कैल्शियम और विटामिन की दवाओं की है।

डॉक्टरों का तरीका

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर अक्सर मरीजों की स्टेथोस्कोप से जांच किए बिना सिर दर्द, बुखार, सर्दी-जुकाम या पेट दर्द जैसी शिकायतों पर गैस की गोली, विटामिन और पैरासिटामॉल दे देते हैं।

स्वास्थ्य केंद्र और मरीजों की संख्या

जिले में महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही, सौ शय्या अस्पताल सरपतहां सहित कुल 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 206 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं।

  • कुल 235 स्वास्थ्य केंद्र

  • रोजाना औसतन 5000-5500 मरीजों की ओपीडी

  • इनमें से 4000-4200 मरीजों को पैरासिटामॉल, गैस, विटामिन, कैल्शियम और डाईक्लो की दवा दी जाती है


यह खबर बताती है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज दवाओं पर आधारित है, जांच पर नहीं, और पैटर्न के हिसाब से अधिकांश मरीजों को पैरासिटामॉल के साथ अन्य सप्लीमेंट दिए जा रहे हैं।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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