लखनऊ: झूठे सरिया चोरी केस में बेगुनाह जेल, एंटी करप्शन ने खोला पुलिस का खेल”

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पुलिस का कारनामा: बेगुनाह को जेल, एंटी करप्शन ने खोला खेल

लखनऊ: सरिया चोरी के झूठे मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। बंथरा के पहाड़पुर निवासी लालता सिंह को बिना ठोस जांच के जेल भेज दिया गया था। एंटी करप्शन विभाग की लंबी जांच के बाद सच सामने आया और पीड़ित को न्याय मिला। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।


झूठे आरोपों की कहानी

लालता सिंह ने बताया कि वे और उनके परिवार के सदस्य लगातार अपनी बेगुनाही साबित करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। केवल बयानों और एक बिल को साक्ष्य मानते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

लालता सिंह कहते हैं:

“खुद को बेगुनाह साबित करना कठिन था, लेकिन अंत में सच की जीत हुई और न्याय मिला।”


पुलिस में सेटिंग और जांच में हस्तक्षेप

लालता का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मी विभाग में ऊँचे पदों तक जुड़े हुए थे। एंटी करप्शन की पहली जांच के बाद भी पुलिस ने जांच को कृष्णानगर थाने में ट्रांसफर करवा दिया

कृष्णानगर थाने के दरोगा आलोक कुमार सिंह ने बिना पड़ताल किए लालता सिंह और कल्लू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। केस में नामजद अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई।


शासन स्तर पर हस्तक्षेप और एंटी करप्शन की जांच

लालता सिंह ने शासन स्तर पर शिकायत की। इसके बाद जांच एंटी करप्शन विभाग को सौंप दी गई। एंटी करप्शन ने ढाई वर्षों तक हर पहलू पर जांच की और सच का खुलासा किया।

लालता सिंह ने कहा:

“एंटी करप्शन की विवेचना पर मुझे पूरा भरोसा है। साजिशकर्ता का नाम भी सामने आएगा।”


निलंबन और कानूनी कार्रवाई

बहराइच में तैनात इंस्पेक्टर क्राइम प्रहलाद सिंह, दरोगा संतोष कुमार, राजेश कुमार, दिनेश कुमार और लखनऊ पुलिस लाइन के दरोगा आलोक कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी।

डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि केस पीजीआई थाने में दर्ज किया गया है और आगे की जांच एंटी करप्शन विभाग करेगा।


एक नजर में मामला

  • चार बेगुनाहों को फर्जी आरोपों में जेल भेजा गया।

  • बंथरा थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर क्राइम और चार दरोगाओं के खिलाफ झूठे साक्ष्य बनाने, साजिश रचने और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज।

  • केस एंटी करप्शन इंस्पेक्टर नुरूल हुदा खान द्वारा दर्ज किया गया।

  • पीड़ित लालता सिंह की शिकायत के बाद जांच एंटी करप्शन को सौंपा गया और पुलिस के खेल का खुलासा हुआ।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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