पत्रकार को फेसबुक के जरिए अश्लील धमकी — पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

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पत्रकार को अश्लील धमकी दिए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज
(फेसबुक के सहारे बदनाम करने की साज़िश का पर्दाफाश — पत्रकारों में आक्रोश)

सुरियावां, भदोही।
पत्रकारिता समाज का आईना होती है, और जब उसी आईने को तोड़ने की कोशिश की जाती है, तो यह केवल किसी व्यक्ति पर नहीं बल्कि सच्चाई की आवाज़ पर हमला माना जाता है। भदोही जनपद के सुरियावां नगर क्षेत्र से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने पूरे पत्रकार जगत को झकझोर कर रख दिया है।

दैनिक अमर स्तम्भ के कार्यकारी संपादक और क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश कुमार यादव उर्फ दादा को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों — फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब के माध्यम से लगातार अश्लील, अभद्र और धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे थे। इस पूरे मामले में पत्रकार की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने आरोपी धर्मराज यादव पुत्र कन्हैयालाल यादव उर्फ पिंडि, निवासी ग्राम सनाथपट्टी (खरगपुर), पोस्ट-भोरी, जनपद भदोही, के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

 सोशल मीडिया का दुरुपयोग — “एक योजनाबद्ध साजिश”

पत्रकार दिनेश कुमार यादव ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि धर्मराज यादव पिछले कई वर्षों से उनके खिलाफ सोची-समझी साजिश के तहत सोशल मीडिया का गलत उपयोग कर रहा है।
आरोप है कि धर्मराज यादव ने उनके घर, जमीन-जायदाद की फोटो, और निजी जानकारियाँ फेसबुक पर अपलोड कीं, ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके। इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी गई।

दिनेश कुमार यादव ने लिखा है कि यह व्यक्ति सिर्फ नशे में ही नहीं बल्कि पूरी योजना बनाकर अभद्र भाषा और झूठे आरोपों वाले वीडियो व पोस्ट डालता है। इसका उद्देश्य समाज में उनकी छवि को धूमिल करना और मानसिक प्रताड़ना देना है।
उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी विभिन्न फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स से उनके परिवार के हर सदस्य को निशाना बना रहा है।

 पत्रकारों में उबाल, लामबद्ध हुए साथी

जैसे ही यह मामला सामने आया, भदोही जिले के पत्रकारों ने एकजुट होकर इस घटना का तीखा विरोध किया।
सुरियावां प्रेस क्लब सहित विभिन्न मीडिया संगठनों ने कहा कि यह घटना न केवल एक पत्रकार पर हमला है बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है।

पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति पत्रकारों के सम्मान से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

 पुलिस ने की FIR दर्ज, साइबर सेल जांच में जुटी

सुरियावां थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पत्रकार द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियों की साइबर सेल के सहयोग से जांच शुरू कर दी गई है, और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी पर धारा 504, 506, 509 और आईटी एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 पत्रकार ने कहा — “यह लड़ाई सच्चाई की है, डरने की नहीं”

पत्रकार दिनेश कुमार दादा ने मीडिया से बातचीत में कहा —

“मैं लंबे समय से समाज और क्षेत्र की समस्याओं को उजागर करने का काम करता हूँ। कई बार सत्ताधारियों या प्रभावशाली लोगों को यह बात पसंद नहीं आती। लेकिन मैं झूठ और अन्याय के खिलाफ अपनी कलम नहीं रोकूंगा।
धर्मराज यादव जैसे लोग समाज को गुमराह कर रहे हैं। मैं प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की मांग करता हूँ ताकि कोई भी पत्रकार डर के साए में काम न करे।”

उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया आज अभिव्यक्ति का माध्यम है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इसे झूठ फैलाने और चरित्र हनन के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

सोशल मीडिया पर पत्रकारों की गरिमा खतरे में

पत्रकारिता जगत से जुड़े वरिष्ठ लोगों का कहना है कि अब सोशल मीडिया के युग में “ट्रोल कल्चर” और “फेक न्यूज” का दायरा तेजी से बढ़ा है। कई पत्रकार, जो समाज के सशक्तिकरण के लिए आवाज उठाते हैं, उन्हीं पर फर्जी पोस्ट और अपमानजनक वीडियो बनाकर हमला किया जाता है।
ऐसे में सरकार और पुलिस को चाहिए कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे इस डिजिटल अपराध पर कठोर अंकुश लगाएँ।

 निष्कर्ष

यह मामला केवल एक व्यक्ति या गांव का नहीं, बल्कि पूरे समाज में पत्रकारिता की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
अगर पत्रकारों को धमकी, डर और बदनामी से जूझना पड़े, तो सच्चाई कभी जनता तक नहीं पहुँच पाएगी।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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