सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स पर चला बुलडोजर: दुकानों के मलबे में बदला व्यापारियों का सपना
स्थान: शास्त्रीनगर, सेंट्रल मार्केट
दिनांक: शनिवार
प्रशासनिक कार्रवाई समय: सुबह 7:30 बजे से
मामला: भवन संख्या 661/6 पर अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण
🔹 प्रकरण की पृष्ठभूमि
सेंट्रल मार्केट स्थित आवासीय भवन 661/6 में बिना स्वीकृति के कॉम्प्लेक्स और दुकानें बना दी गई थीं। आवास विकास परिषद ने इसे नियम-विरुद्ध मानते हुए कई बार नोटिस जारी किया, लेकिन निर्माण जारी रहा।
इस बीच मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां 27 अक्टूबर को सुनवाई तय है।
लेकिन कोर्ट की सुनवाई से पहले ही, प्रशासन ने कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे विवाद और आक्रोश दोनों बढ़ गए।
🔹 कार्रवाई कैसे शुरू हुई? – मिनट-दर-मिनट विवरण
| समय | घटना |
|---|---|
| 7:00 AM | पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्र को बैरिकेड कर बंद किया गया। |
| 7:30 AM | बिजली विभाग ने भवन का इलेक्ट्रिक कनेक्शन काटा। |
| 7:45 AM | जेसीबी मशीनों ने मुख्य बाज़ार की दुकानों पर पहला प्रहार किया। |
| 8:30 AM | दुकानें टूटने लगीं, भीड़ इकट्ठा हुई, लोग वीडियो बनाने लगे। |
| 9:00 AM | मलबा सड़क पर गिरा, श्रमिकों को बुलाकर साफ कराया गया। |
| 10:00 AM | गली के अंदर का हिस्सा भी तोड़ा जाने लगा। ड्रोन कैमरे से निगरानी जारी रही। |
🔹 टूटते सपनों के बीच चीखें और आंसू
जैसे ही जेसीबी ने दुकानों की दीवारों को तोड़ना शुरू किया—
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व्यापारी अपने कागज़ात, नकदी, और सामान बचाने दौड़ पड़े।
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महिलाओं और बुजुर्गों ने दुकानों से लिपटकर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई।
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कई लोग रोते हुए कहते रहे— “सालों की कमाई कुछ ही मिनट में मलबा बन गई…”
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कुछ व्यापारी मलबे के बीच टूटे बोर्ड, गिरे शटर और बिखरे सामान को देखते रह गए।
🔹 प्रशासन क्या कह रहा है?
आवास विकास परिषद के एक अधिकारी ने कहा:
“इमारत आवासीय थी, पर उसका व्यावसायिक उपयोग हो रहा था। कई बार नोटिस दिया गया, लेकिन पालन नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जा रहा है।”
🔹 व्यापारी संघ की प्रतिक्रिया – ‘हमने प्रयास किए, पर सब बेकार गया’
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने भावुक होकर कहा:
“हमने विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री सबको ज्ञापन दिया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के सामने सभी मजबूर हैं। व्यापारी परिवार उजड़ गया है, अब हम असहाय हैं।”
🔹 ड्रोन से निगरानी, नेताओं की मौजूदगी, सोशल मीडिया पर LIVE माहौल
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कार्रवाई की हर गतिविधि ड्रोन कैमरे से रिकॉर्ड की जा रही है।
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किसी भी तरह के विरोध या उपद्रव को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधि स्थल पर पहुंचे, लेकिन कार्रवाई रोक पाने में असमर्थ रहे।
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भीड़ में मौजूद युवाओं ने वीडियो बनाकर Facebook, Instagram, YouTube Shorts और Twitter पर लाइव साझा किया।
🔹 मलबा साफ करने के त्वरित निर्देश
ध्वस्तीकरण के दौरान भारी मात्रा में मलबा सड़क पर गिरा।
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प्रशासन ने तुरंत श्रमिकों को लगाकर सड़क खाली कराई।
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ताकि एंबुलेंस, मीडिया और प्रशासनिक गाड़ियों की आवाजाही बाधित न हो।
🔹 आगे की स्थिति – क्या होगा अब?
✔ 27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई: व्यापारी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि पुनर्वास या राहत पर कुछ निर्णय हो सके।
✔ मुआवज़े की मांग: व्यापारी संघ अब मुआवज़ा या वैकल्पिक दुकान की मांग करने की तैयारी में है।
✔ कार्रवाई जारी रहेगी या रुकेगी? इस पर अगला कदम कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा।
🔹 समापन (Conclusion)
सेंट्रल मार्केट का 661/6 कॉम्प्लेक्स अब खंडहर में बदल चुका है।
जहां कभी कारोबारी रौनक और चहल-पहल रहती थी, अब वहां सिर्फ टूटी ईंटें, लोहे की सरिए और आंसुओं की नमी बाकी है।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

