MIB की सख्ती: 24 ऐप्स और वेबसाइट्स बैन, अश्लील कंटेंट पर कसा शिकंजा

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 24 ऐप्स और वेबसाइट्स पर कसा शिकंजा, अश्लील कंटेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

डिजिटल स्पेस को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम

नई दिल्ली।
देश में ऑनलाइन माध्यम से अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के बढ़ते प्रसार पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting – MIB) ने अश्लील और वयस्क सामग्री परोसने के आरोप में 24 मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है। इस कदम को सरकार ने समाज में बढ़ रही अश्लीलता और युवाओं पर इसके नकारात्मक असर को रोकने की दिशा में ‘‘ज़रूरी और सख्त फैसला’’ बताया है।

मंत्रालय के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए सॉफ्ट पोर्न समेत कई तरह की अश्लील सामग्री को बढ़ावा दिया जा रहा था, जिससे आईटी अधिनियम 2000 और आईटी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एवं डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 का उल्लंघन हो रहा था।


कौन-कौन से ऐप्स और वेबसाइट्स हुए ब्लॉक?

ब्लॉक किए गए प्रमुख ऐप्स और वेबसाइट्स में शामिल हैं:

  • ALTT

  • ULLU

  • Big Shots App

  • Desiflix

  • Boomex

  • Navarasa Lite

  • Gulab App

  • और अन्य 17 प्लेटफॉर्म्स

ये सभी या तो ऐप स्टोर पर उपलब्ध थे या स्वतंत्र वेबसाइट्स के रूप में काम कर रहे थे। इन पर फिल्मों, वेब सीरीज़ और वीडियो के नाम पर अश्लील और वयस्क कंटेंट परोसा जा रहा था।


क्या है कानूनी आधार?

भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) की धारा 69A सरकार को अधिकार देती है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, या अश्लीलता जैसे आधार पर किसी भी वेबसाइट या ऐप को ब्लॉक कर सकती है। इसके अलावा, वर्ष 2021 में लागू आईटी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम के तहत, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट के विरुद्ध सख्त नीतियाँ अपनानी होती हैं।

सरकार का कहना है कि बार-बार चेतावनी और नोटिस देने के बावजूद इन ऐप्स और वेबसाइट्स ने नियमों का पालन नहीं किया, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाना पड़ा।


समाज पर प्रभाव और चिंताएं

विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट पर बढ़ती अश्लील सामग्री का सीधा असर युवाओं और किशोरों की मानसिकता पर पड़ता है। यह सिर्फ नैतिक नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी हानिकारक है। साथ ही, परिवारों और समाज में अपराध व हिंसक प्रवृत्तियों को बढ़ाने में भी यह एक भूमिका निभा सकता है।

मंत्रालय का मानना है कि डिजिटल माध्यम को जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करना समय की ज़रूरत है, और इस दिशा में ऐसी कार्रवाई ज़रूरी है ताकि समाज में संतुलन और स्वस्थ वातावरण बना रहे।


पहले भी हुई हैं ऐसी कार्रवाइयाँ

यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने ऐसे ऐप्स और वेबसाइट्स के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। पिछले कुछ वर्षों में भी कई बार अश्लील, राष्ट्रविरोधी या गैर-कानूनी कंटेंट परोसने वाले प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया है। मंत्रालय का कहना है कि इस प्रकार की निगरानी और कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।


आगे क्या?

मंत्रालय ने साफ किया है कि सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सेल्फ-रेगुलेशन यानी स्वयं नियमन के सिद्धांतों का पालन करना होगा। यदि कोई प्लेटफॉर्म कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसे चेतावनी के बाद भी सुधरने का मौका दिया जाएगा, लेकिन अगर तब भी सुधार न हो, तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।

सरकार की यह कार्रवाई उन लाखों यूज़र्स के लिए भी एक संदेश है, जो ऑनलाइन कंटेंट देखते हैं – कि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।


(डिजिटल डेस्क | Bharat Kranti News)

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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