कोचिंग के लिए निकले थे, लौटे तो लाश बनकर; गंगा में डूबे तीन किशोर

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कोचिंग के लिए निकले तीन किशोर गंगा में डूबे, गांव में पसरा मातम

बलिया जनपद में गंगा घाट पर उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब शुक्रवार की सुबह तीन किशोरों के शव नदी में उतराते हुए मिले। ये तीनों किशोर गुरुवार की शाम कोचिंग के लिए घर से निकले थे, लेकिन फिर कभी लौटकर नहीं आए। अगले दिन जब उनकी लाशें गंगा की लहरों में तैरती मिलीं तो गांव में कोहराम मच गया। हर आंख नम हो गई और पूरा इलाका मातम में डूब गया।

गुरुवार को निकले थे कोचिंग के लिए, फिर नहीं लौटे

गुरुवार की शाम संदीप कुमार (15) पुत्र योगेंद्र, विनय गोंड (17) पुत्र राजन, निवासी सावन छपरा और वसीम (18) पुत्र रसीद मियां, निवासी वचन छपरा साइकिल से कोचिंग के लिए निकले थे। देर रात तक जब वे वापस नहीं लौटे तो परिजनों का दिल घबराने लगा। कहीं कुछ अनहोनी तो नहीं हो गई — यह आशंका हर किसी को सता रही थी।

घाट पर साइकिलें, किताबें और कपड़े देख मची खलबली

शुक्रवार सुबह जगदीशपुर गांव के सामने गंगा घाट पर तीन साइकिलें, किताबें और कपड़े पड़े देख ग्रामीणों का दिल बैठ गया। थोड़ी ही देर में नदी में तैरते तीन शव दिखाई दिए। मानो गंगा खुद चीख-चीखकर कह रही हो कि तीन मासूम अब कभी घर नहीं लौटेंगे।

घटना स्थल पर मचा हाहाकार, मातमी सन्नाटा

घटना की सूचना मिलते ही घाट पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परिजन जब रोते-बिलखते घाट पर पहुंचे तो वहां का नज़ारा देख हर कोई द्रवित हो उठा। इंसानियत उस वक्त शर्मसार हो गई जब कुछ ग्रामीण शवों के दृश्य को कैमरे में कैद करने लगे।

पुलिस ने ग्रामीणों और नाविकों की मदद से तीनों शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पोस्टमार्टम से इनकार पर अधिकारियों ने समझाया

तीनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। लेकिन मौके पर पहुंचे तहसीलदार मनोज राय और नायब तहसीलदार रजनीश सिंह ने उन्हें समझा-बुझाकर राजी किया। थाना प्रभारी हरिशंकर सिंह ने भी परिजनों को ढांढस बंधाया।

सवाल अनगिनत, जवाब कोई नहीं

अब सवाल यह उठता है — क्या यह सिर्फ एक दुर्घटना थी? क्या गंगा घाट पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं? क्या बच्चों को कोचिंग के नाम पर घाट किनारे नहाने की छूट मिलनी चाहिए? प्रशासन इन सवालों से बच नहीं सकता।

तीन परिवार उजड़ गए, तीन घरों में चूल्हे ठंडे पड़ गए और गांव में हर तरफ मातम ही मातम है। बलिया की गंगा ने तीन जिंदगियों को निगल लिया और पीछे छोड़ गई सिर्फ आंसू, सिसकियां और सवाल…

रिपोर्ट: भारत क्रांति न्यूज़

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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