राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सुरियावां में वर्ष प्रतिपदा उत्सव का भव्य आयोजन

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सुरियावां द्वारा भव्य वर्ष प्रतिपदा उत्सव एवं आद्य सरसंघचालक प्रणाम कार्यक्रम संपन्न

सुरियावां, भदोही: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) खंड-सुरियावां द्वारा वर्ष प्रतिपदा उत्सव एवं आद्य सरसंघचालक प्रणाम कार्यक्रम का भव्य आयोजन जोधराज सिंह पक्का तालाब, पुरानी बाजार में किया गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए और संघ की विचारधारा व राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को दोहराया।


संघ संस्थापक को अर्पित की गई श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत आद्य सरसंघचालक पूज्य डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर मुख्य वक्ता अजेय शंकर जी ने संघ की परंपराओं, राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका और वर्ष प्रतिपदा के महत्व पर प्रकाश डाला।

वर्ष प्रतिपदा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

अपने बौद्धिक संबोधन में अजेय शंकर जी ने वर्ष प्रतिपदा को भारतीय इतिहास और संस्कृति का एक गौरवशाली दिन बताया। उन्होंने कहा कि—
आज के ही दिन परमपिता ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी।
महाराज युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी इसी दिन हुआ था।
महान सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रमी संवत की शुरुआत की थी।
संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्मदिवस भी इसी दिन आता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष प्रतिपदा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक है। यह दिन नववर्ष का शुभारंभ और भारतीय सभ्यता के गौरव का परिचायक है।


कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी

इस आयोजन में करीब 200 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए, जिससे संघ की अनुशासनप्रियता और संगठन शक्ति प्रदर्शित हुई।

उपस्थित गणमान्य स्वयंसेवक:

???? राधेश्याम जी
???? अजय जी
???? रवि जी
???? आशीष जी
???? भव्यदीप जी
???? विशाल जी
???? वशिष्ठ नारायण दुबे (पंकज जी)
???? जोगेंद्र जी
???? गणेश जी
???? दिलीप जी
???? आयुष जी
???? केशव जी
???? अमृत लाल जी
???? राज जी
???? राजू जी
???? अश्विनी जी
???? अवधेश जी

इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने घोष वादन, अनुशासन प्रदर्शन और शाखा गतिविधियों के माध्यम से संघ के आदर्शों को प्रस्तुत किया।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संदेश: समाज को जोड़ने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा, भारत के सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक संगठन की शक्ति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि—
???? संघ राष्ट्रवाद, भारतीय संस्कृति और समाज को संगठित करने का कार्य कर रहा है।
???? स्वयंसेवकों को अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।
???? भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए हमें भारतीय संस्कृति और मूल्यों को आत्मसात करना होगा।


वर्ष प्रतिपदा: नवसंवत्सर और नवचेतना का प्रतीक

संघ की शाखाओं में वर्ष प्रतिपदा को नवसंवत्सर के रूप में मनाया जाता है। यह भारतीय परंपरा का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नववर्ष है, जो आत्मनिरीक्षण, संगठन और समाज के प्रति समर्पण का संदेश देता है।


संघ कार्य में बढ़ती जागरूकता और सहभागिता

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में संघ के प्रति युवा वर्ग की जागरूकता और सहभागिता बढ़ रही है। समाज में संघ की भूमिका को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता:

✅ संघ की शाखाओं में नियमित उपस्थिति देना।
✅ समाज में संगठन शक्ति का विस्तार करना।
✅ देशहित में सेवा कार्यों को बढ़ावा देना।


समापन और भविष्य की योजनाएँ

कार्यक्रम के अंत में संघ के आगामी सेवा कार्यों और शाखाओं के विस्तार पर चर्चा की गई। संघ के कार्यकर्ता समाज के हर वर्ग तक राष्ट्रवादी विचारधारा को पहुंचाने और भारतीय संस्कृति को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध दिखे।

ऐसे ही राष्ट्रीय और सांस्कृतिक आयोजनों की ताजा जानकारी के लिए जुड़े रहें “भारत क्रांति न्यूज़” के साथ।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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