भदोही में 50 करोड़ की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट और म्यूल खातों से देशभर में फैलाया जाल, दो आरोपी गिरफ्तार
बिहार के 32 करोड़ NHAI घोटाले से भी जुड़े तार, 100 से अधिक साइबर शिकायतों के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
भदोही | भारत क्रांति न्यूज़
भदोही पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशव्यापी इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। फर्जी ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 50 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार बिहार के चर्चित 32 करोड़ रुपये के NHAI घोटाले से भी जुड़े हैं, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) पटना कर रही है।
पुलिस ने नंदापुर निवासी मन्नू सिंह और चकसिखारी निवासी ओमप्रकाश गौतम को बनकट छनौरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी फर्मों और म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
फर्जी वेबसाइट बनाकर देते थे करोड़ों मुनाफे का लालच
अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के अनुसार, गिरोह “एफआईएसडी पीआरओ” नाम से फर्जी ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट वेबसाइट चला रहा था। आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का झांसा देकर निवेश के लिए आकर्षित करते थे।
ठगी की रकम को छिपाने के लिए फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खोले गए थे। इसके लिए फर्जी उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था।
50 से ज्यादा म्यूल खातों का इस्तेमाल
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने 50 से अधिक म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया। इन खातों में आने वाली ठगी की रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर किया जाता था।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान:
– 5 मोबाइल फोन
– 7 जियो सिम कार्ड
– 5 एटीएम/डेबिट कार्ड
– 3 पासबुक और 3 चेकबुक
– फर्जी आधार कार्ड
– पैन कार्ड
– बैंक खाता खोलने के दस्तावेज
– आधार अपडेट फॉर्म समेत अन्य सामान बरामद किया।
विभिन्न खातों में मौजूद 30 लाख रुपये से अधिक की रकम फ्रीज कराई गई है।
बिहार के 32 करोड़ घोटाले से जुड़ा कनेक्शन
जांच में सामने आया कि बिहार NHAI से जुड़े 32 करोड़ रुपये के घोटाले में भी मन्नू सिंह और उसकी पत्नी रीमा सिंह के खातों में पैसों के लेनदेन के संकेत मिले थे। ED पटना की जांच में नाम सामने आने के बाद उनकी संपत्तियों पर कार्रवाई भी की गई थी।
छह दिन में खाते से हुआ 70 लाख का लेनदेन
पुलिस के मुताबिक, ओमप्रकाश गौतम के नाम पर संचालित सिद्धार्थ इंटरप्राइजेज के यस बैंक खाते से सिर्फ छह दिनों में करीब 70 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ। वहीं गिरोह से जुड़े एक अन्य खाते में एक करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन मिला है।
देशभर में 100 से ज्यादा शिकायतें
इस गिरोह के खिलाफ NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) पर देश के कई राज्यों से 100 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। शिकायतें केरल, हरियाणा, दिल्ली, तेलंगाना और बिहार समेत कई राज्यों से मिली हैं।
अभी चार आरोपी फरार, तलाश जारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली है। गिरोह के चार अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क की जांच आगे बढ़ने के साथ और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
सावधान रहें:
ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश या जल्दी पैसा दोगुना करने के लालच में आने से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जांच जरूर करें। साइबर अपराधी अब फर्जी वेबसाइट और दस्तावेजों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।
भारत क्रांति न्यूज़ | भदोही
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.



