स्कूलों की लापरवाही: प्रमोशन डेटा अपडेट न होने पर भदोही प्रशासन ने दी मान्यता समाप्ति की धमकी

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भदोही: 11,937 छात्रों का प्रमोशन डेटा यू-डायस पोर्टल पर अपडेट नहीं, स्कूलों पर सख्ती

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक गंभीर समस्या सामने आई है, जहां जिले के 11,937 छात्रों का प्रमोशन डेटा अब तक यू-डायस पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका है। इस मामले में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (BSA) भूपेंद्र नारायण सिंह ने जिले के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को कड़ी चेतावनी जारी की है। स्कूलों को अंतिम रूप से 10 सितंबर की समय सीमा दी गई है, जिसके भीतर उन्हें छात्रों का प्रमोशन डेटा अपडेट करना अनिवार्य है। यदि इस अवधि के भीतर डेटा अपलोड नहीं किया गया, तो संबंधित स्कूलों की मान्यता समाप्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।

क्या है यू-डायस पोर्टल और प्रमोशन डेटा का महत्व?

यू-डायस (Unified District Information System for Education) पोर्टल भारत सरकार का एक ऑनलाइन डेटा मैनेजमेंट सिस्टम है, जिसमें देशभर के छात्रों और स्कूलों से संबंधित महत्वपूर्ण शैक्षिक जानकारी दर्ज की जाती है। यह पोर्टल न केवल छात्रों की व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी को केंद्रीकृत करता है, बल्कि इसके माध्यम से शिक्षा विभाग को पूरे देश में शिक्षा की प्रगति पर नजर रखने में मदद मिलती है।

प्रमोशन डेटा को यू-डायस पोर्टल पर अपडेट करना इसलिए जरूरी होता है क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होता है कि छात्रों को उनकी शिक्षा का अगला चरण मिल सके। बिना प्रमोशन डेटा के अपलोड किए, छात्रों का नाम अगले शैक्षणिक स्तर पर दर्ज नहीं किया जा सकता है, जिससे उनकी शिक्षा प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होती है।

प्रमोट न होने वाले छात्रों के लिए संकट

प्रमोशन डेटा अपडेट न होने से उन 11,937 छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अनिश्चितता में पड़ सकता है। शिक्षा विभाग का मानना है कि छात्रों की शैक्षिक प्रगति पर नजर रखना और समय पर प्रमोशन देना स्कूल प्रबंधनों की जिम्मेदारी है। बिना प्रमोशन डेटा अपलोड किए, न केवल छात्रों के रिकॉर्ड अधूरे रह जाते हैं, बल्कि उनका शैक्षिक सफर भी प्रभावित होता है। इन छात्रों की स्थिति स्पष्ट न होने से उनकी आगामी शैक्षिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है, जैसे कि उनका अगली कक्षा में प्रवेश, परीक्षा में बैठने की पात्रता, और छात्रवृत्ति या अन्य शैक्षिक सुविधाओं का लाभ मिलना।

प्रशासन की चेतावनी और स्कूलों की लापरवाही

जिला बेसिक शिक्षाधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने स्पष्ट किया कि इससे पहले भी कई बार स्कूलों को यू-डायस पोर्टल पर छात्रों का प्रमोशन डेटा अपडेट करने के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद, कई स्कूलों ने इस दिशा में लापरवाही दिखाई है। अब 10 सितंबर तक का समय दिया गया है, जिसे अंतिम मौका माना जा रहा है। इसके बाद, उन स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने अभी तक डेटा अपलोड नहीं किया है।

डेटा अपलोड न करने पर मान्यता समाप्त होने का खतरा

जिला प्रशासन की ओर से जारी इस चेतावनी के अनुसार, अगर निर्धारित समय सीमा तक प्रमोशन डेटा अपलोड नहीं किया गया, तो संबंधित स्कूलों की मान्यता समाप्त करने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। यह कदम शिक्षा के स्तर में सुधार और शैक्षणिक पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

डेटा अपलोड की प्रक्रिया और प्रशासन का रुख

प्रमोशन डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया यू-डायस पोर्टल पर सरल और सुव्यवस्थित है, लेकिन इसके बावजूद कई स्कूल इस जिम्मेदारी को नजरअंदाज कर रहे हैं। शिक्षा विभाग ने पहले ही यह सुनिश्चित किया है कि इस प्रक्रिया में कोई तकनीकी बाधा नहीं है। स्कूलों को केवल अपनी ओर से छात्रों के प्रमोशन से संबंधित जानकारी अपलोड करनी होती है, जो कि कुछ ही समय में हो सकता है।

इसके बावजूद यदि स्कूल इस प्रक्रिया को पूरा करने में असफल रहते हैं, तो यह प्रशासन के लिए एक बड़ी समस्या बन जाती है, क्योंकि छात्रों की प्रगति और उनके शैक्षिक अधिकारों से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रशासन का रुख स्पष्ट है: 10 सितंबर तक का समय मिलने के बाद भी यदि कोई स्कूल प्रमोशन डेटा अपलोड नहीं करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर कदम

यह चेतावनी न केवल स्कूलों के लिए एक अंतिम अवसर है, बल्कि शिक्षा विभाग द्वारा उठाया गया एक सख्त कदम भी है, जिससे स्कूलों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास हो। शिक्षा में पारदर्शिता, डेटा की प्रमाणिकता, और छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए यह कदम जरूरी है। छात्रों की प्रगति सुनिश्चित करना स्कूलों और शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इस दिशा में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्य संपादक – शिवशंकर दुबे
edited by : आशु झा
भारत क्रांति न्यूज़

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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