लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में भड़के अधिवक्ता, न्यायिक कार्य बहिष्कार कर किया प्रदर्शन
लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध की आग अब जनपदों तक पहुंच गई है। सोमवार को डिस्ट्रीक बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर घटना के प्रति नाराजगी जताई। विरोध स्वरूप अधिवक्ता पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे, जिससे न्यायालयी कार्य प्रभावित रहा।
अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लाठीचार्ज की घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया। प्रदर्शन का नेतृत्व डिस्ट्रीक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार चौबे और महासचिव आनंद कुमार शुक्ल ने किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं पर बल प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
अध्यक्ष सुशील कुमार चौबे ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। महासचिव आनंद कुमार शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ता समाज अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट है।
इसी क्रम में भदोही तहसील में भी अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। तहसील बार अध्यक्ष विनोद कुमार बिंद की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं ने बैठक कर लाठीचार्ज की निंदा की और न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर बल प्रयोग न्याय व्यवस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।
प्रदर्शन में मोहनलाल मिश्र, माया प्रजापति, संजय मौर्या, अशोक कुमार पासी, विनोद कुमार उपाध्याय, प्रदीप त्रिपाठी, आजाद कुमार और संदीप यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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