ज्ञानपुर में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का मशाल जुलूस, आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की मांग तेज
ज्ञानपुर (भदोही): अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर सोमवार को टीईटी अनिवार्यता के विरोध में ज्ञानपुर नगर में शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। ब्लॉक संसाधन केंद्र ज्ञानपुर से शुरू हुआ यह मशाल जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए दुर्गागंज तिराहे तक पहुंचा, जहां शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से रखा। 🔥✊
जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक हाथों में तख्तियां लेकर चल रहे थे, जिन पर “अनुभव को सम्मान दो, टीईटी से मुक्ति दो”, “टीईटी नहीं समाधान, इससे हैं शिक्षक परेशान”, “काला कानून वापस ले सरकार” और “अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे लिखे हुए थे। पूरे नगर भ्रमण के दौरान शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और निर्णय को वापस लेने की मांग की।
शिक्षकों ने कहा कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। उनका कहना था कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव को नजरअंदाज कर नई शर्तें लागू करना न केवल उनके सम्मान के खिलाफ है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। 📚
महासंघ से जुड़े शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों की सेवा शर्तों में बाद में बदलाव करना न्यायसंगत नहीं है। सरकार को चाहिए कि उनके अनुभव और योगदान का सम्मान करते हुए टीईटी अनिवार्यता से उन्हें मुक्त किया जाए, ताकि वे बिना मानसिक दबाव के शिक्षा कार्य में योगदान दे सकें।
इस मौके पर सुधीर सिंह, राजबली उपाध्याय, मनोज उपाध्याय, धीरज सिंह, मुन्ना लाल यादव, बीएल पाल, मानिक चंद्र यादव, अरविंद पाल, ओम प्रकाश पटेल, कन्हैया लाल यादव, अखिलेश यादव, मुकेश पांडेय, राकेश कुमार, प्रदीप सिंह, मनोज शुक्ला, विनोद बिंद, रेखा राय, पूजा, आराधना शर्मा, माधुरी, अरुण दुबे, अजीत यादव और अभिनव मिश्रा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि यह आंदोलन शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए है, और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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