छात्र मानसिक स्वास्थ्य एवं कोचिंग सेंटर विनियमों की समीक्षा बैठक संपन्न, मुख्य विकास अधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
भदोही, 13 जनवरी 2026:
भदोही में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और कोचिंग सेंटरों के विनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विकास भवन में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल ने की।
बैठक में प्रमुख रूप से छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव, परीक्षा तनाव, प्रतिस्पर्धात्मक माहौल और कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के समग्र कल्याण पर चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षित रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
बैठक में उठाए गए मुख्य बिंदु:
-
कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण और निगरानी:
सभी कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही आधारभूत संरचना, अग्नि सुरक्षा, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और वेंटिलेशन सुनिश्चित करना होगा। -
छात्र कल्याण और काउंसलिंग:
हर कोचिंग सेंटर में काउंसलिंग सुविधा, शिकायत निवारण तंत्र और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो। -
अनुचित दबाव और भ्रामक विज्ञापन पर रोक:
कोचिंग संस्थानों द्वारा छात्रों पर अनुचित मानसिक दबाव या अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा नहीं डाली जाएगी। इस दिशा में संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण करेंगे। -
छात्र जागरूकता और तनाव प्रबंधन:
शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग मिलकर छात्र मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, काउंसलिंग सत्र और तनाव प्रबंधन गतिविधियों का आयोजन करेंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को सकारात्मक और सहायक वातावरण प्रदान करना है।
अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में वीएनजीआईसी प्रिंसिपल आलोक तिवारी, जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, बीएसए शिवम पांडेय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को छात्र हितों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गंभीरता और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका मानना है कि यह कदम जनपद में सुरक्षित, अनुशासित और छात्र-अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद करेगा।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



