320 करोड़ से बनेगा डेंगुरपुर–धनतुलसी गंगा पुल
47 वर्षों का इंतजार खत्म, कोनिया को मिली विकास की ऐतिहासिक सौगात
सीतामढ़ी (भदोही)।
तीन ओर से गंगा नदी से घिरे कोनिया क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन विकास के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। प्रदेश मंत्रिपरिषद ने डेंगुरपुर–धनतुलसी गंगा घाट पर पक्के पुल के निर्माण को मंजूरी देकर वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 320 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
करीब 1320 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण से भदोही जनपद के कोनिया क्षेत्र और प्रयागराज जनपद के मांडा इलाके के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। पुल के बन जाने से दोनों जनपदों की सवा लाख से अधिक आबादी को आवागमन में स्थायी राहत मिलेगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू होगी निर्माण प्रक्रिया
ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार ने डेंगुरपुर–धनतुलसी गंगा नदी पर पक्के पुल के निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। अब जल्द ही सेतु निगम के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
बरसात में कट जाता था संपर्क
गंगा नदी भदोही जनपद में लगभग 45 किलोमीटर क्षेत्र में बहती है। कोनिया क्षेत्र के लोग अब तक रामपुर, सीतामढ़ी और डेंगुरपुर–धनतुलसी घाट पर बने पीपा पुलों पर निर्भर थे।
हर वर्ष मानसून के दौरान पीपा पुल हटने से कोनिया क्षेत्र का संपर्क लगभग कट जाता था। भारी वाहन, एंबुलेंस, स्कूल बस और कृषि उपज ले जाने वाले वाहनों को मिर्जापुर या प्रयागराज के लंबे मार्ग से जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।
1978 की बाढ़ के बाद से उठ रही थी मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 1978 की प्रलयंकारी गंगा बाढ़ के बाद से ही कोनिया क्षेत्र में स्थायी पक्के पुल की मांग उठती आ रही थी। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन पुल केवल आश्वासनों तक सीमित रहा। अब करीब 47 वर्षों बाद इस सपने को साकार रूप मिला है।
रामपुर घाट के बाद दूसरी बड़ी सौगात
दो वर्ष पूर्व रामपुर घाट पर पक्के पुल की सौगात मिलने के बाद यह क्षेत्रीय विकास की दिशा में दूसरा बड़ा कदम माना जा रहा है। वर्ष 2025 में डेंगुरपुर–धनतुलसी घाट पर पुल को मंजूरी मिलना कोनिया क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
खुशी में झूमा कोनिया क्षेत्र
पुल निर्माण की खबर मिलते ही कोनिया क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। जगह-जगह मिठाइयां बांटी गईं और आतिशबाजी की गई।
कोनिया के इटहरा गांव में भाजपा नेता विधान चंद दुबे, डीघ मंडल अध्यक्ष शैलेश पांडेय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बैठक कर प्रदेश सरकार और जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया।
रेलवे, मध्यप्रदेश और पर्यटन से सीधा जुड़ाव
पक्के पुल के निर्माण से कोनिया क्षेत्र सीधे मांडा रोड रेलवे स्टेशन से जुड़ जाएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की दूरी भी काफी कम हो जाएगी, जिससे व्यापारिक और सामाजिक संपर्क मजबूत होंगे।
जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सीतामढ़ी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य को मिलेगा लाभ
स्थायी पुल बनने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। छात्रों का स्कूल-कॉलेज आना-जाना सुगम होगा, वहीं आपात स्थिति में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सेवाएं बिना बाधा पहुंच सकेंगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पुल से क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे और कोनिया विकास की मुख्यधारा से जुड़ जाएगा।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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