हर दिन आठ लाख अंडों की खपत, जांच एक बार भी नहीं
ज्ञानपुर। ठंड के मौसम में जिले में अंडों की खपत में 20 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में प्रतिदिन करीब आठ लाख अंडों की खपत हो रही है। इसके बावजूद खाद्य विभाग की ओर से अब तक अंडों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर एक भी जांच नहीं की गई है, जिससे उपभोक्ताओं की सेहत पर खतरा बढ़ गया है।
जिले में अंडों की कुल 40 फर्में पशुपालन विभाग में पंजीकृत हैं। इन्हीं फर्मों के माध्यम से जिलेभर में अंडों की आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा आसपास के जनपदों से भी अंडे मंगाए जा रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ गांव और शहर—दोनों क्षेत्रों में अंडों की मांग तेजी से बढ़ी है और कारोबार में उछाल आया है।
अंडों की बेतहाशा खपत के बीच खाद्य विभाग की निष्क्रियता सवाल खड़े कर रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अब तक न तो कोई नमूना लिया गया और न ही जांच रिपोर्ट तैयार की गई है। हालांकि विभाग का कहना है कि इस सप्ताह से जांच अभियान शुरू किया जाएगा।
उधर, मिलावटी अंडों के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने सख्ती के संकेत दिए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देशव्यापी अंडा सुरक्षा अभियान शुरू किया है। यह अभियान कुछ प्रीमियम अंडा ब्रांडों में नाइट्रोफ्यूरान (एक प्रतिबंधित एंटीबायोटिक) के उपयोग से जुड़े दावों के बीच चलाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती मांग के दौर में नियमित जांच बेहद जरूरी है, ताकि मिलावट और प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके और उपभोक्ताओं की सेहत सुरक्षित रहे।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

