धान खरीद की रफ्तार सुस्त, डेढ़ माह में लक्ष्य का सिर्फ 15% ही पूरा
क्रय केंद्र बढ़े, फिर भी किसान कम पहुंच रहे केंद्रों तक
ज्ञानपुर। जिले में धान खरीद की रफ्तार अब तक सुस्त बनी हुई है। एक नवंबर से शुरू हुई सरकारी खरीद को करीब डेढ़ माह बीत चुके हैं, लेकिन तय लक्ष्य के मुकाबले महज 15 फीसदी धान की ही खरीद हो सकी है। किसानों की कम आमद और व्यवस्थागत दिक्कतों के चलते अधिकांश क्रय केंद्र लक्ष्य से काफी पीछे चल रहे हैं।
शासन की ओर से जिले को इस बार साढ़े तीन लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। शुरुआत में 30 क्रय केंद्र खोले गए थे, जिन्हें दिसंबर में बढ़ाकर 37 कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद सोमवार 15 दिसंबर तक सिर्फ 53 हजार क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी है।
विपणन विभाग के केंद्र आगे, अन्य विभाग पिछड़े
अब तक की खरीद में विपणन विभाग के क्रय केंद्र अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन केंद्रों पर 40 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीद हो चुकी है, जो कुल खरीद का लगभग 90 प्रतिशत है।
वहीं पीसीएफ, खाद्य विभाग और सहकारिता के क्रय केंद्रों पर किसानों की आमद उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रही है।
जंगीगंज केंद्र पर लक्ष्य और खरीद में बड़ा अंतर
जंगीगंज क्रय केंद्र पर अब तक 5400 क्विंटल और जंगीगंज प्रथम पर 1650 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है, जबकि दोनों केंद्रों का कुल लक्ष्य 38 हजार क्विंटल तय किया गया है।
केंद्र प्रभारी गौरव सिंह ने बताया कि मौसम की खराबी और खेतों में नमी के कारण किसानों ने देर से कटाई कराई, जिससे खरीद प्रभावित हुई।
सोमवार को रणदीप मिश्रा, आनंद शुक्ला, लालता यादव और ज्ञानेश तिवारी ने क्रय केंद्र पर धान बेचा।
बोरियों की कमी बनी किसानों की परेशानी
धान खरीद में एक बड़ी समस्या बोरियों की कमी भी सामने आई है। जंगीगंज क्रय केंद्र पर धान रखने के लिए पर्याप्त बोरियां उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसानों को अपनी बोरियां घर से लानी पड़ रही हैं।
दरवांसी गांव के किसान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने बीते शुक्रवार को धान बेचा, लेकिन बोरी न मिलने के कारण अपनी ही बोरी में धान रखना पड़ा।
इस पर केंद्र प्रभारी ने बताया कि बोरियों की मांग भेजी गई है और जल्द आपूर्ति कराई जाएगी।
कार्पेट सिटी केंद्र पर भी सीमित खरीद
कार्पेट सिटी क्रय केंद्र पर अब तक 3344 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। केंद्र प्रभारी अनुपमा त्रिपाठी ने बताया कि किसानों के खाते में समर्थन मूल्य की राशि 48 घंटे के भीतर भेज दी जाती है।
सोमवार को मायाराम पटेल, श्याम बहादुर सिंह, राम बहादुर सिंह, विनोद कुमार सिंह और कृपा शंकर उपाध्याय ने यहां धान की बिक्री की।
फरवरी तक लक्ष्य के करीब पहुंचने की उम्मीद
रबी और खरीफ सीजन में शासन की ओर से गेहूं और धान की खरीद की जाती है, ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे मौसम अनुकूल होगा और कटाई पूरी होगी, वैसे-वैसे क्रय केंद्रों पर आवक बढ़ेगी।
अधिकारियों को उम्मीद है कि फरवरी तक खरीद लक्ष्य के काफी करीब पहुंच जाएगी।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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