मेरे दोस्त से उसके प्रेम संबंध हैं… मैंने बहन को मार डाला” — गोरखपुर में ऑनर किलिंग की दिल दहला देने वाली वारदात
रिपोर्ट — Bharat Kranti News | गोरखपुर ब्यूरो
कैंपियरगंज में भाई ने बहन को नाले में डुबोकर मार डाला
गोरखपुर के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को एक ऐसी वारदात हुई जिसने पूरे जिले को हिला दिया।
18 वर्षीय युवती को उसके ही सगे भाई ने नाले में डुबोकर मार डाला, क्योंकि उसे अपनी बहन का प्रेम संबंध बर्दाश्त नहीं था।
वारदात के बाद युवक ने थाने जाकर खुद अपना गुनाह कबूल कर लिया।
थाने में उसने कहा —
“मेरे दोस्त से उसके प्रेम संबंध हैं… मैंने बहन को मार डाला। उसकी हरकतों से घर की इज्जत मिट्टी में मिल गई थी।”
मामा के घर छोड़ने के बहाने बना ‘क़ातिल सफर’
रविवार रात घर में झगड़े के बाद युवती नाराज होकर घर से निकल गई थी।
परिवार पूरी रात खोजता रहा, पर कोई पता नहीं चला।
अगले दिन सुबह मां और बेटा कैंपियरगंज चौराहे पर पहुंचे तो वही युवती मिल गई। उसे समझा-बुझाकर घर लाया गया।
कुछ देर बाद भाई ने मां से कहा कि वह उसे मामा के घर छोड़ने जा रहा है।
बाइक लेकर दोनों निकले। रास्ते में एक पुलिया के पास फिर बहस हुई और भाई ने गुस्से में बहन को नाले में धक्का दे दिया।
वह खुद भी कूद गया और तब तक पानी में दबाए रखा जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं।
थाने पहुंचकर बोला — “मैंने बहन को मार दिया”
वारदात के बाद आरोपी युवक घर लौटा और फिर सीधे कैंपियरगंज थाने पहुंच गया।
थाना प्रभारी राकेश कुमार रोशन के सामने उसने कहा —
“मुझे सजा चाहिए, मैंने अपनी बहन को मार डाला।”
पुलिस मौके पर पहुंची और युवती का शव बरामद कर लिया।
मां की तहरीर पर बेटे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया।
शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
तीन साल पुराना प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में पता चला कि युवती का प्रेम संबंध महराजगंज निवासी एक युवक से था।
वह युवक आरोपी का पुराना दोस्त और दूर का रिश्तेदार था।
दोनों की नजदीकियां बढ़ीं तो परिवार ने विरोध किया और युवती की शादी दूसरी जगह तय कर दी।
फिर भी दोनों के बीच बातचीत जारी रही। यह बात भाई को “इज्जत पर दाग” जैसी लगी।
एसपी नार्थ जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया —
“आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है। प्रेम प्रसंग हत्या की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है। आगे की जांच जारी है।”
मां की बेबसी — “एक संतान खोई, दूसरी जेल में”
थाने में पहुंचकर मां ने बेटे के खिलाफ तहरीर दी।
रोते हुए उन्होंने कहा —
“अगर समाज इतना बड़ा है, तो मेरा घर इतना छोटा क्यों पड़ गया कि मेरी बेटी उसमें नहीं रह सकी।
एक बच्ची चली गई, अब बेटा जेल में है… मैं किसे बचाऊं?”
देशभर में हर साल 1000 से अधिक ऑनर किलिंग
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक,
भारत में हर साल करीब 1000 से अधिक ऑनर किलिंग के मामले दर्ज होते हैं।
सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से आते हैं।
2019 में हरदोई में पिता ने बेटी और प्रेमी को कुल्हाड़ी से काट डाला था,
2022 में प्रयागराज में भाई ने बहन को जिंदा जला दिया था,
और अब 2025 में गोरखपुर का कैंपियरगंज — फिर वही शर्मनाक तस्वीर।
कानून सख्त है, लेकिन सोच अब भी वैसी ही
सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में कहा था कि —
“इज्जत के नाम पर की गई हत्या भी हत्या ही है,
और इसकी सजा फांसी तक हो सकती है।”
फिर भी समाज का एक तबका आज भी ऐसे अपराधियों का समर्थन करता है,
जो हत्या को ‘इज्जत बचाने का काम’ मानते हैं।
यही मानसिकता ऑनर किलिंग की सबसे बड़ी जड़ है।
विशेषज्ञ बोले — सामाजिक दबाव और दोहरी मानसिकता जिम्मेदार
डॉ. मनीष कुमार पांडेय, समाजशास्त्र विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय:
“ऑनर किलिंग का समाजशास्त्रीय विश्लेषण जरूरी है।
एक तरफ सोशल मीडिया युवाओं को खुलापन दे रहा है,
तो दूसरी तरफ पारंपरिक सामाजिक ढांचे उन्हें बांध रहे हैं।
यह द्वंद्व ऐसे अपराधों को जन्म दे रहा है।”
नीरज शाही, अधिवक्ता, क्रिमिनल लॉ एक्सपर्ट:
“BNS की धारा 103(2) में ऑनर किलिंग की सजा आजीवन कारावास या मृत्यु दंड तक हो सकती है।
कानून सख्त है, लेकिन समाज में बदलाव की जरूरत है।”
निष्कर्ष — समाज को खुद से सवाल पूछना होगा
कैंपियरगंज की यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं,
बल्कि उस मानसिकता की तस्वीर है जो ‘इज्जत’ के नाम पर रिश्तों का गला घोंट देती है।
जब तक समाज और परिवार यह नहीं समझेंगे कि प्यार अपराध नहीं है,
तब तक ऐसी खबरें हमारे दिलों को चीरती रहेंगी।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

