भदोही में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: धोखाधड़ी के मुकदमे में फंसे कोटेदार की दुकान निरस्त, उपभोक्ताओं को अब मिलेगा छनौरा से राशन
भदोही (उत्तर प्रदेश)। विकासखंड सुरियावां की ग्राम सभा पट्टीबेजाव में लंबे समय से संचालित सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निरस्त कर दिया है। यह कदम उस वक्त उठाया गया, जब दुकान संचालक कमला शंकरपाल के खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा न्यायालय में पहुंच गया। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने न सिर्फ लाइसेंस निरस्त किया, बल्कि कोटेदार पर अभियोग चलाने का भी निर्देश दिया है। अब ग्राम सभा पट्टीबेजाव के सैकड़ों राशन उपभोक्ताओं को उनका हक का राशन समीपवर्ती ग्रामसभा छनौरा की दुकान से मिलेगा।
शिकायत से लेकर कार्रवाई तक का पूरा घटनाक्रम
समाजसेवी राजेंद्र सिंह ने 2 जुलाई 2025 को जिलाधिकारी को एक लिखित पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने विस्तार से बताया कि ग्राम सभा पट्टीबेजाव के कोटेदार कमला शंकरपाल पुत्र स्वर्गीय कल्लू पाल पर IPC की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी एवं विश्वासघात), 468 (जालसाजी) और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत गंभीर आपराधिक मामला पंजीकृत है।
न्यायालय मजिस्ट्रेट भदोही के आदेश पर थाना अध्यक्ष सुरियावां द्वारा मामले की विवेचना की गई, और विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल कर दी। यह तथ्य सामने आने के बाद जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया।

जिलाधिकारी का सख्त रुख
शिकायत की पुष्टि और चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी के आधार पर जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने कोटेदार की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने का आदेश पारित कर दिया। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया गया कि ग्राम सभा पट्टीबेजाव के उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए दुकान को ग्रामसभा छनौरा की कोटे की दुकान से अटैच कर दिया गया, ताकि राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित न हो।
जिलाधिकारी ने कोटेदार पर अभियोग चलाने के भी आदेश जारी किए हैं, जिससे मामले की कानूनी प्रक्रिया तेज हो सके और दोष सिद्ध होने पर आगे की सख्त कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय जनता और समाजसेवी संगठनों की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद ग्राम सभा पट्टीबेजाव समेत आसपास के क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से कोटेदार के खिलाफ गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन इस बार प्रशासन ने सख्त कदम उठाकर ईमानदार छवि प्रस्तुत की है।
समाजसेवी राजेंद्र सिंह ने प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “गरीबों को उनका हक नहीं मिलने पर आवाज उठाना समाज का कर्तव्य है। प्रशासन ने समय पर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की, यह स्वागत योग्य है।”
भविष्य की रणनीति और संदेश
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य कोटेदारों और सस्ता गल्ला दुकानों को भी सख्त संदेश गया है कि यदि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता, धोखाधड़ी या भ्रष्टाचार पाया गया, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की मंशा है कि गरीबों, जरूरतमंदों और पात्र कार्ड धारकों तक बिना भेदभाव और पूरी पारदर्शिता के साथ खाद्यान्न पहुंचे।
ग्रामीण जनता को भी प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि अगर किसी कोटेदार या राशन दुकान पर भ्रष्टाचार या धांधली की जानकारी हो, तो वे बेझिझक जिलाधिकारी कार्यालय या स्थानीय प्रशासन को लिखित शिकायत दे सकते हैं, ताकि समय रहते उचित जांच और कार्रवाई की जा सके।
📌 निष्कर्ष:
भदोही में कोटेदार के खिलाफ की गई यह कार्रवाई सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में ईमानदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास है। प्रशासन की इस सख्ती से पात्र लाभार्थियों को समय से और सही मात्रा में राशन मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।
भारत क्रांति न्यूज़
Author: Bharat Kranti News
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