बिहार सरकार की अनोखी योजना: शादी कीजिए और पाइए 3 लाख तक की सहायता

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बिहार में शादी कर लखपति बन सकते हैं! अंतरजातीय या दिव्यांगजन से विवाह पर मिलेंगे 1 से 3 लाख रुपये – जानिए पूरी योजना

पटना, भारत क्रांति न्यूज़ ब्यूरो।
बिहार सरकार ने सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से एक क्रांतिकारी योजना लागू की है। इस योजना के अंतर्गत अगर कोई युवक या युवती अंतरजातीय विवाह करता है या किसी दिव्यांगजन से शादी करता है, तो राज्य सरकार की ओर से उन्हें 1 लाख से लेकर 3 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।


🧩 योजना का नाम और उद्देश्य

यह योजना “मुख्यमंत्री विवाह प्रोत्साहन योजना – अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना” के अंतर्गत आती है। इसे बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।

🎯 योजना के उद्देश्य:

  • समाज में जात-पात और छुआछूत जैसी कुरीतियों को खत्म करना।

  • दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाकर समानता को बढ़ावा देना।

  • आर्थिक सहायता देकर युवाओं को सामाजिक बंधनों से मुक्त होकर शादी करने के लिए प्रेरित करना।


💰 कितनी मिलती है आर्थिक सहायता?

विवाह की स्थिति सहायता राशि
केवल अंतरजातीय विवाह ₹1,00,000
किसी एक पक्ष के दिव्यांग होने की स्थिति में ₹1,00,000
दोनों पक्ष दिव्यांग हों ₹2,00,000
अंतरजातीय विवाह + एक पक्ष दिव्यांग ₹2,00,000
अंतरजातीय विवाह + दोनों पक्ष दिव्यांग ₹3,00,000

यह राशि महिला अथवा दिव्यांग व्यक्ति के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है।


📋 पात्रता की पूरी जानकारी (Eligibility)

  1. उम्र:

    • पुरुष की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए

    • महिला की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए

  2. नागरिकता:

    • दंपति दोनों बिहार के स्थायी निवासी होने चाहिए

  3. जाति की शर्त:

    • वर या वधू में से कोई एक आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC) से होना चाहिए

  4. विवाह की प्रकृति:

    • विवाह अंतरजातीय होना चाहिए (मतलब वर और वधू अलग जातियों से हों)

  5. दिव्यांगता:

    • यदि कोई एक या दोनों पक्ष दिव्यांग हों तो कम से कम 40% विकलांगता प्रमाणित होनी चाहिए

  6. आर्थिक स्थिति:

    • आवेदक गरीब या निम्न आय वर्ग से संबंधित होना चाहिए


📝 आवेदन प्रक्रिया – कैसे करें आवेदन?

📌 ऑफलाइन आवेदन:

  1. अपने जिले के जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय (DSSO) से फॉर्म प्राप्त करें

  2. फॉर्म में सभी जानकारी भरें और आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें:

    • आधार कार्ड

    • जाति प्रमाण पत्र

    • निवास प्रमाण पत्र

    • विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र

    • दिव्यांगता प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)

    • बैंक पासबुक की कॉपी

    • पासपोर्ट साइज फोटो

  3. फॉर्म जमा करें जिला समाज कल्याण विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर के पास

  4. सत्यापन और स्वीकृति के बाद ई-सुविधा पोर्टल पर डाटा अपलोड किया जाएगा


🌐 ऑनलाइन आवेदन (जैसे ही पोर्टल चालू हो):

  1. बिहार सरकार के ई-सुविधा पोर्टल पर जाएं

  2. नया रजिस्ट्रेशन करें – इसके लिए आधार और मोबाइल नंबर अनिवार्य होगा

  3. लॉगिन कर ‘मुख्यमंत्री विवाह प्रोत्साहन योजना – अंतरजातीय विवाह’ विकल्प चुनें

  4. फॉर्म भरें – नाम, पता, जन्मतिथि, जाति, बैंक जानकारी और विवाह विवरण

  5. सभी आवश्यक दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करें

  6. आवेदन सबमिट करें और उसकी स्थिति को ट्रैक करें

🔴 नोट: अभी बिहार सरकार के नए पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया चालू नहीं हुई है। फिलहाल सिर्फ ऑफलाइन आवेदन मान्य है।


📞 कहां से लें अधिक जानकारी?

  • अपने जिले के समाज कल्याण कार्यालय (Social Welfare Office) में संपर्क करें

  • सामाजिक सुरक्षा अधिकारी (SSO) या ब्लॉक स्तर के कर्मचारी से बात करें

  • अधिक जानकारी के लिए socialwelfare.bih.nic.in वेबसाइट देखें


📣 क्यों है यह योजना जरूरी?

बिहार जैसे सामाजिक रूप से विविध राज्य में आज भी जातिगत भेदभाव एक बड़ी चुनौती है। इस योजना के माध्यम से सरकार न केवल जातिगत दीवारों को गिराने की कोशिश कर रही है, बल्कि दिव्यांगजनों को भी सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दे रही है। यह एक ऐसा कदम है जो आने वाले समय में समाज में समानता, समरसता और सहयोग की भावना को मजबूती देगा।


भारत क्रांति न्यूज़ की सलाह:
अगर आप या आपके आस-पास कोई इस योजना के पात्र हैं, तो इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएं ताकि उन्हें इस लाभकारी योजना का पूरा फायदा मिल सके।


🖊️ रिपोर्टर: भारत क्रांति न्यूज़

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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