UP: भूख से तंग महिला ने की आत्महत्या, बच्चों को मिली छह बीघा जमीन और आर्थिक सहायता”

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उत्तर प्रदेश: जब तक जिंदा रही, रोटी नसीब न थी… आत्महत्या के बाद बच्चों को मिली छह बीघा जमीन और हर माह आर्थिक सहायता

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से आई यह घटना हर उस गरीब और मजबूर परिवार की कहानी बयां करती है, जिसे समाज में हाशिए पर रखा गया है। भूख, गरीबी और लाचारी ने एक महिला को इस हद तक मजबूर कर दिया कि उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया।

मां का संघर्ष और बच्चों की दुर्दशा

महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ एक झोपड़ी में रहती थी। पति की मौत के बाद परिवार का बोझ उसके कंधों पर आ गया। मेहनत-मजदूरी करके वह परिवार का पेट पालने की कोशिश करती रही, लेकिन उसकी आय इतनी कम थी कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी चुनौती बन गया।

महिला के पड़ोसियों के मुताबिक, कई बार उन्होंने बच्चों को भूखा सोते देखा। सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा था। अंततः, वह गरीबी और निराशा से हार गई और खुदकुशी कर ली।

घटना ने मचाया हड़कंप

महिला की मौत ने गांव में शोक और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया। यह मामला स्थानीय प्रशासन के साथ ही जिला अधिकारियों तक पहुंचा। महिला के संघर्ष और बच्चों की दुर्दशा को देखते हुए, सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप किया।

सरकारी सहायता का ऐलान

प्रशासन ने महिला के बच्चों को छह बीघा जमीन प्रदान की है। इसके अलावा, बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण के लिए हर महीने ₹2000 की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया। बच्चों के नाम पर यह जमीन उनके वयस्क होने तक संरक्षित रहेगी, ताकि भविष्य में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

गांव के लोगों ने इस कदम की सराहना की है लेकिन सवाल यह भी उठाया कि ऐसी मदद पहले क्यों नहीं दी गई? अगर समय रहते महिला को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला होता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

समाज और सरकार के लिए सवाल

इस घटना ने न केवल सरकार, बल्कि समाज के हर वर्ग को सोचने पर मजबूर कर दिया है। क्यों आज भी गरीबों को उनकी बुनियादी जरूरतें—भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं—नहीं मिल पातीं? क्यों योजनाएं कागजों में सिमटकर रह जाती हैं?

आगे का रास्ता

यह घटना प्रशासन के लिए एक सबक है कि जरूरतमंदों तक योजनाओं को सही समय पर पहुंचाया जाए। समाज को भी आगे आकर कमजोर वर्गों की मदद करनी चाहिए। महिला की मौत ने जो सवाल खड़े किए हैं, उनका जवाब ढूंढना अब सभी की जिम्मेदारी है।

(यह खबर भारत क्रांति न्यूज द्वारा प्रकाशित की गई है। ऐसी ही खबरों के लिए जुड़े रहें।)

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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