विदेशी ऑफर को ठुकराकर भदोही की सेवा में जुटे डॉक्टर पीयूष जायसवाल: समर्पण और जनसेवा की मिसाल

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एम्स दिल्ली के डॉक्टर पीयूष जायसवाल ने विदेश का ऑफर ठुकराया, भदोही में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समर्पित

रिपोर्ट: शिव शंकर दुबे, चीफ एडिटर, भारत क्रांति न्यूज

भदोही, 14 अगस्त 2024: जब डॉक्टर पीयूष जायसवाल ने एम्स नई दिल्ली से अपनी मेडिकल शिक्षा पूरी की, तो उनके सामने विदेश में एक सफल और आरामदायक करियर बनाने का सुनहरा मौका था। लेकिन उन्होंने इस मौके को ठुकराते हुए एक असाधारण निर्णय लिया—अपने गृह जिले भदोही में रहकर वहां के लोगों की सेवा करने का। इस निर्णय ने न केवल उनके जीवन का मार्ग बदला, बल्कि भदोही के लोगों के जीवन में भी एक नई उम्मीद की किरण जगा दी।

विदेश छोड़ भदोही में सेवा का संकल्प:

एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने के बाद, डॉक्टर पीयूष के पास विदेश में एक आकर्षक नौकरी का प्रस्ताव था। वहां की उच्च स्तरीय सुविधाओं और आर्थिक लाभ के बावजूद, उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के विरोध के बावजूद भदोही लौटने का निर्णय लिया। उनके इस निर्णय का मुख्य कारण था—अपने जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना और उन्हें बेहतर जीवन जीने का अवसर देना।

डॉ. पीयूष का कहना है, “विदेश में सेवा करने का अवसर बहुत ही आकर्षक था, लेकिन मेरे लिए यह अधिक महत्वपूर्ण था कि मैं अपने जिले के लोगों की सेवा करूं। यहां की स्थिति को देखकर मुझे लगा कि अगर मैं यहां नहीं रहूंगा, तो कौन उनकी मदद करेगा?” उनका यह समर्पण भदोही में चिकित्सा सेवाओं में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

भदोही की स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियां:

भदोही एक ऐसा जिला है जहां की मेडिकल सुविधाएं काफी पिछड़ी हुई हैं। अधिकांश ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी है। इसी कमी के कारण लोग अक्सर झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने को मजबूर हो जाते हैं, जो गलत और अनावश्यक दवाइयों का प्रयोग करते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि मरीजों को न केवल सटीक इलाज नहीं मिलता, बल्कि उन्हें गंभीर साइड इफेक्ट्स का भी सामना करना पड़ता है।

इस स्थिति को देखते हुए, डॉ. पीयूष ने भदोही में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने कई स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया, जहां उन्होंने लोगों को सही चिकित्सा की जानकारी दी और उन्हें झोलाछाप डॉक्टरों के खतरों से आगाह किया।

डॉ. पीयूष बताते हैं, “हमारे जिले में लोग अक्सर जागरूकता की कमी के कारण गलत इलाज का शिकार हो जाते हैं। हमारा प्रयास है कि हम उन्हें सही जानकारी दें और उनकी सेहत को बेहतर बनाने में मदद करें।”

नशा मुक्ति अभियान:

स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा, डॉ. पीयूष ने भदोही में नशा मुक्ति के लिए भी एक विशेष अभियान शुरू किया है। उनका मानना है कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जो न केवल व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक स्थिति को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि समाज की स्थिरता और विकास में भी बड़ी बाधा बनता है।

डॉ. पीयूष का कहना है, “नशा हमारे युवाओं के जीवन को बर्बाद कर रहा है। यह केवल उनकी सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए खतरा है। हमें इसे जड़ से खत्म करना होगा।” उन्होंने युवाओं को नशे से बचाने और उन्हें इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में उन्होंने युवाओं को नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया और उन्हें एक स्वस्थ और सफल जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया।

स्वतंत्रता दिवस पर संदेश:

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, डॉ. पीयूष ने भदोही के लोगों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें स्वतंत्रता का सही अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि सच्ची स्वतंत्रता केवल राजनीतिक या आर्थिक स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य और खुशहाली की स्वतंत्रता भी है।

डॉ. पीयूष का संदेश था, “स्वतंत्रता का मतलब केवल बाहरी आजादी नहीं है। हमें आंतरिक रूप से भी स्वतंत्र होना चाहिए। इसका अर्थ है कि हम शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हों, और एक खुशहाल जीवन जीने की स्वतंत्रता प्राप्त करें।”

भविष्य की योजनाएं:

डॉ. पीयूष की योजना है कि आने वाले समय में वे भदोही में एक अत्याधुनिक अस्पताल की स्थापना करें, जहां लोग बिना किसी डर के सही और प्रभावी इलाज प्राप्त कर सकें। उनका लक्ष्य है कि भदोही के लोग इलाज के लिए बाहर जाने की बजाय अपने जिले में ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि भदोही के लोग अपने जिले में ही उच्चतम स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं पा सकें। इसके लिए मैं हर संभव प्रयास करूंगा।”

समर्पण और सेवा भावना:

डॉ. पीयूष जायसवाल का जीवन और उनका कार्य न केवल भदोही के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका समर्पण, सेवा भाव, और अपने जिले के प्रति उनकी निष्ठा इस बात का प्रमाण हैं कि सही सोच और प्रयास से हम कहीं भी और किसी भी परिस्थिति में अपने समाज के लिए कुछ बड़ा कर सकते हैं।

उनका जीवन संदेश देता है कि जब हम अपने समाज के लोगों की सेवा करने का संकल्प लेते हैं, तो हम न केवल उनका जीवन बदलते हैं, बल्कि अपने जीवन को भी सार्थक बनाते हैं। डॉ. पीयूष ने जिस समर्पण के साथ भदोही में अपनी सेवाएं दी हैं, वह हमें यह सिखाता है कि असली खुशी दूसरों की भलाई में है, और यही सच्ची स्वतंत्रता है।

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Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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